Bonus for Employee बोनस क्या है, किसको मिलती है एवं कितनी मिलती है


Bonus for Employee बोनस क्या है, किसको मिलती है एवं कितनी मिलती है

 What is bonus बोनस क्या है ?

जैसे ही दीपावली नजदीक आने लगती है हर कर्मचारी को चाहे वह प्राइवेट हो अथवा सरकारी उसे दीपावली पर मिलने वाली बोनस का इंतजार रहता है |

बोनस केंद्र सरकार के समूह  (ख)  समूह (ग) के अराजपत्रित कर्मचारियों एवं कैजुअल लेबर को दी जाती है,
बोनस कर्मचारियों द्वारा किसी कंपनी अथवा संस्थान के लिए किए गए वार्षिक कार्य से होने वाली कमाई अथवा राजस्व के अर्जन का हिस्सा होता है यह बोनस, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 की धारा  35 A  के अनुसार किसी कर्मचारी को मिलने वाली तनख्वाह या वेतन का न्यूनतम 8.33% और  अधिकतम 20% हो सकता है
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 कर्मचारी को दिया जाने वाला बोनस उत्पादकता या उत्पादन  की मात्रा पर निर्भर करता है कि उस कंपनी अथवा संस्थान द्वारा अपने कर्मचारियों को कितना बोनस दिया जाएगा

Who earn Bonus बोनस किसको मिलती है

किसी भी कंपनी अथवा संस्थान में कार्य करने वाले कम से कम 20 व्यक्तियों के समूह का होना आवश्यक है यह तभी दी जाती है जबकि उस संस्थान में उस कर्मचारी के द्वारा निर्धारित समयावधि मे अपनी सेवाएं दी गई  हो
बोनस का भुगतान बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के अंतर्गत सभी कर्मचारियों को किया जाता है
Eligibility for Bonus बोनस के लिए योग्यता
बोनस किसी भी डिपार्टमेंट के उन सभी कर्मचारियों को जो कि नान गजेटेड यानी कि अराजपत्रित हैं उन्हें ही दिया जाता है बोनस किसी भी गजेटेड अधिकारी को नहीं दिया जाता है

Type of Bonus बोनस कितने प्रकार की होती है

 बोनस दो प्रकार की होती है

  1. Productivity linked bonus उत्पादकता बोनस
  1. Non Productivity linked bonus  गैर उत्पादकता बोनस

What is Productivity linked bonus उत्पादकता बोनस क्या है

उत्पादकता बोनस वह बोनस होता है जब किसी कर्मचारी द्वारा किसी संस्थान या कंपनी के लिए जो काम किया जाता है उससे यदि कोई  आय होती है यानी कि उसके कार्य से यदि किसी प्रकार का राजस्व इकट्ठा होता है तो उसके बदले में दी गई बोनस को उत्पादकता बोनस के रूप में जाना जाता है
उत्पादकता बोनस रेल कर्मचारियों,  इनकम टैक्स विभाग,  परिवहन विभाग,  सिंचाई विभाग, दूरसंचार विभाग,  दूरदर्शन विभाग,  पब्लिकेशन विभाग,  बिजली विभाग आदि अनेक विभाग शामिल है जिनको उत्पादकता बोनस दिया जाता है क्योंकि यह विभाग सरकार को राजस्व इकट्ठा करके देते हैं या आप ऐसा भी कह सकते हैं कि इसके कर्मचारी जो कार्य करते हैं उससे विभाग को राजस्व का फायदा होता है

What is Non Productivity linked bonus  गैर उत्पादकता बोनस  क्या है

गैर उत्पादकता बोनस वह बोनस होता है जो कि उन कर्मचारियों को दिया जाता है जिन कर्मचारियों के कार्य से किसी प्रकार की कोई आए नहीं होती है या ऐसे संस्थान जिनके कार्य करने से सरकार को कोई आमदनी अथवा राजस्व का फायदा नहीं होता है इस  कैटेगरी में आर्मी, एयरफोर्स, नेवी, पैरामिलिट्री फोर्स जैसे कि सीआईएसफ,  बीएसएफ, सीआरपीएफ,  एसएसबी अथवा अन्य पुलिस आदि विभिन्न प्रकार के विभाग इसके अंतर्गत आते हैं जो कि सुरक्षा अथवा अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं जो कि सरकार को किसी प्रकार का कोई भी राजस्व अर्जन करके नहीं देते हैं उनको गैर उत्पादकता बोनस की श्रेणी में रखा गया है

Non Productivity linked bonus Terms & Condition || गैर उत्पादकता बोनस की नियम शर्तें

  1. इसके अंतर्गत वे कर्मचारी भुगतान के पात्र होंगे जो  31 मार्च 2018 को सेवा में थे और जिन्होंने वर्ष 2017 - 18 में न्यूनतम 6 महीने तक लगातार सेवा की है | वर्ष में 6 महीने से लेकर पूरे वर्ष तक लगातार सेवा की अवध के लिए पात्र कर्मचारियों को यथा अनुपात भुगतान किया जाएगा पात्रता अवधि की गणना सेवा के महीनों ( महीनों की निकटतम पूर्णांक संख्या) के रूप में की जाएगी
  2. बोनस की मात्रा की गणना औसत  गणना की उच्चतम सीमा इनमें से जो भी कम हो के आधार पर की जाएगी | 1 दिन के लिए गैर उत्पादकता बोनस की गणना करने के लिए 1 वर्ष की औसत  परिलब्धियों को 30.4 (1 महीने के औसत दिनों की संख्या) से विभाजित किया जाएगा |
  3.  ऐसे दिहाड़ी मजदूर जिन्होंने 6 कार्य - दिवसीय  सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले 3 अथवा इससे अधिक वर्ष में कम से कम 240 दिन (पांच कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के मामले में 3 या इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष 206 दिन) कार्य किया है, वह इसके पात्र होंगे इनको मिलने वाली बोनस 1200 प्रतिमाह से कम ही होगी |
  4. इन आदेशों के अंतर्गत सभी  भुगतान रुपए के निकटतम पूर्णांक में किए जाएंगे |

How to Bonus Calculation बोनस की गणना कैसे की जाती है

बोनस की गणना करने से पहले आपको यह समझना आवश्यक है कि किसी कर्मचारी को न्यूनतम कितनी बोनस दी जाती है और अधिकतम कितनी  बोनस दी जाती है
बोनस  भुगतान अधिनियम 1965 के 2015 के संशोधन के अनुसार  जिसे 1 जनवरी 2016 को प्रकाशित किया गया था  जो कि 1 अप्रैल 2014 से लागू/  प्रभावी किया गया है जो इस प्रकार है
पात्रता सीमा                               21000 /-   प्रतिमाह
पात्रता की निम्नतम सीमा           7000/-     प्रतिमाह

Bonus Calculation बोनस कैलकुलेशन/ गणना

बेसिक पे +  महंगाई भत्ता यदि 7000 से कम है तो उस वास्तविक राशि पर गणना की जाएगी
बेसिक पे +  महंगाई भत्ता यदि 7000 से अधिक है तो बोनस की गणना 7000 पर की जाएगी
आप नीचे चित्र को देख करके इसे समझ सकते हैं

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Bonus calculation Example बोनस गणना का उदाहरण 1-

किसी कर्मचारी की बेसिक  सैलेरी 7000 रुपए प्रति  महीना से कम है तो
अमरदीप एक हॉस्पिटल में काम करते हैं जो कि लखनऊ  में है जिनकी बेसिक सैलरी 6000 रुपए प्रति  महीना है
पात्रता की निम्नतम सीमा X 8.33% = 6000X8.33 /100
                                                   = 499.8 रुपए प्रतिमाह
पूरे साल का बोनस निकालने के लिए इसको  12 से गुणा करें
इस प्रकार से 499.8 X 12 = 5997.6 रुपए वार्षिक

Bonus calculation Example बोनस गणना का उदाहरण 2-

जब किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 7000 रुपए प्रति  महीना है या उससे ज्यादा है तो
भास्कर एक मेडिकल कंपनी में काम करते हैं जो कि कानपुर में है उनकी बेसिक सैलेरी 10000 रुपए प्रतिमाह है
इस केस में आपको यह ध्यान देना है कि यदि आप की सैलरी 7000 रुपए प्रति  महीना है या उससे अधिक है तो बोनस का कैलकुलेशन 7000 पर ही किया जाएगा
बेसिक सैलेरी X 20% = 7000X 20 /100
       = 1400 रुपए प्रतिमाह
पूरे साल का बोनस निकालने के लिए इसको 12 से गुणा करें
इस प्रकार से 1400 X 12 = 16800 रुपए वार्षिक
यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलेरी 21000 रुपए प्रति  महीना है या उससे अधिक है तो वह बोनस  के योग्य नहीं है

बोनस भुगतान एक्ट 1965 इन  कर्मचारियों पर लागू नहीं होता

  1. जीवन बीमा कर्मचारी
  2. मार्चएंट शिपिंग एक्ट 1958 की धारा 42 के अंतर्गत आने वाले नाविक
  3. जल परिवहन के कर्मचारी
  4. वे सार्वजनिक संस्थान के कर्मचारियों की सरकार द्वारा नोटिफाई किए गए हैं
  5. आईएफसीआई, डिपॉजिट इंश्योरेंस कारपोरेशन, एग्रीकल्चर  रीफाइनेंस कारपोरेशन
  6. किसी भी फाइनेंसियल कारपोरेशन के कर्मचारी जो कि स्टेट फाइनेंसियल कारपोरेशन एक्स (SFC) 19551 की धारा 3 3 (A)  के अंतर्गत आते हैं
  7. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कर्मचारी
  8. कॉन्ट्रैक्टर द्वारा कांटेक्ट पर रखे गए बिल्डिंग ऑपरेशंस
  9. नो प्रॉफिट संस्थान, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, शैक्षणिक संस्थान के कर्मचारी
  10. वह कर्मचारी जो कि डॉक वर्कर्स एक्ट 1948 के अंतर्गत रजिस्टर्ड/ लिस्टेड हैं
  11. वे कर्मचारी जो कि सेंट्रल गवर्नमेंट अथवा स्टेट गवर्नमेंट के द्वारा कंट्रोलेड इंडस्ट्री में काम करते हैं


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