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Pensioner welfare News

Pensione welfare News today from Ministry of finance

Pensioners (पेंशनर्स) की समस्याओं को खत्म करने के लिए सरकार ने एक पहल की है जो कि मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस के द्वारा पूरे सिस्टम को डिजिटलाइज्ड करने के साथ ही इससे बीएसआर (BSR) कोड से बदलकर आईएफएससी (IFSC) पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस प्रक्रिया को अनुपालन में लाने के लिए सभी पेंशन भुगतान कर्ता बैंकों से इस मसले पर उनका सुझाव मांगा गया है जो कि 15 दिसंबर 2019 तक देना है यदि इस मसले पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया या सुझाव बैंकों द्वारा निर्धारित समय पर नहीं दी जाती है तो इसे निर्धारित समय पर लागू कर दिया जाएगा।
Pension Digitalaizetion benefit
Pensioner welfare

BSR कोड व्यवस्था क्या है

BSR का फुल फॉर्म Basic Statistical Return होता है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक का प्रत्येक बैंक को वितरित करता है। बीएसआर कोड 7 अंक का होता है जिसमें पहले 3 नंबर बैंक को प्रदर्शित करते हैं जबकि बाकी के 4 अंक बैंक की शाखा को प्रदर्शित करते हैं। यह कोड टीडीएस और टीसीएस रिटर्न फाइल करने के लिए दिए जाते हैं, अब बात आती है आईएफएससी की तो IFSC का  फुल फॉर्म Indian Financial System Code  होता है। प्रत्येक बैंक का यह एक यूनिक कोड होता है जिसे इलेक्ट्रॉनिक मनी ट्रांसफर में प्रयोग किया जाता है।

Pension System Digitalisation benefit

पेंशन सिस्टम डिजिटल आई जो होने के बाद पेंशनरों को बहुत फायदा होगा पेंशन सिस्टम डिजिटलाइज्ड हो जाने के बाद पेंशनरों को इलेक्ट्रॉनिक पेंशन पेमेंट ऑर्डर पीपीओ जारी होगा इसके माध्यम से किसी भी पेंशनर का बैंक खाते संबंधी जानकारी, सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) तथा  पेंशन एण्ड अकाउंट्स ऑफिस (PAO) के मध्य सरलता से उपलब्ध हो जाएगी।

 वर्तमान pension system कैसा है

 वर्तमान समय में पेंशन की प्रक्रिया बहुत ही जटिल है यदि केंद्रीय कर्मचारियों के मामले में देखा जाए तो यह पहले हेड ऑफिस से प्रक्रिया प्रारंभ हो करके PAO में पहुंचती है उसके बाद वहां से पेंशन के कागजात CPAO के पास जाते हैं और फिर वहांं से जिस बैंक में पेमेंट आनी होती है उसके हेड ऑफिस में जाते हैं, फिर वह हेड ऑफिस उस बैंक को जो कि पेंशनर द्वारा जिस शाखा में खाता खोला गया है उसको ट्रांसफर करता है और पेंशन को उसके खाते में जमा किया जाता है जो कि लगभग 2 से 3 महीने या इससे अधिक का समय ले लेते हैं। इस सिस्टम के लागू हो जाने से यह जो प्रक्रिया फिजिकल रूप में चलती है यह पूर्णतया डिजिटल हो जायेगी और पेंशनर को जल्द से जल्द उसकी पेंशन मिलने लगेगी, इस प्रक्रिया से पेंशनरों को हो रही फाइनेंसियल समस्याओं से निजात मिल जाएगी और उन्हें किसी भी प्रकार से ऑफिसों के चक्कर नहीं काटने होंगे और समय पर उनकी पेंशन शुरू हो जाएगी।

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