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OROP Pensioners Problem Solution

OROP Pensioners Problem Solution, OROP पेंशनर्स समस्या समाधान

OROP तीनों सेनाओं से सेवानिवृत्त होने पर सैनिकों के लिए समान रैंक समान पेंशन देने की एक वयवस्था है जिसकी मांग पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के समय से की जा रही थी जिसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार मेेंं लागू किया गया था।
One Rank One Pension
OROP

What is OROP ? OROP क्या है ?

OROP का फुलफॉर्म One Rank One Pension होता है। हिन्दी भाषा में इसे एक रैंक एक पेंशन कहा जाता है। इस व्यवस्था के माध्यम से एक रैंक के अन्तर्गत सेवानिवृत्त होने वाले सभी लोगों को एक समान पेंशन देने का प्रावधान किया गया है।

OROP किसके लिए है

तीनों सेनाओं से सेवानिवृत्त होने वाले सैनिकों के लिए OROP को लागू किया गया है, इसके अलावा अन्य किसी व्यक्ति या विभाग को इसके अन्तर्गत शामिल नहीं किया गया है।

OROP से किसे लाभ हुआ

OROP लागू होने से उन पेंशन भोगियो को ज्यादा फायदा होगा जो जितना पहले सेवानिवृत्त हो चुका था या जितने ज्यादा दिनों पूर्व से पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहा है उसे उतना अधिक लाभ होता है।

OROP कितने दिनों में संशोधित किया जाता है

OROP का संशोधन प्रत्येक 5 वर्ष बाद किये जाने का प्रावधान किया गया है। वर्तमान समय में OROP का प्रथम संशोधन जुलाई 2019 में किया जाना था परन्तु इसे अभी संशोधित नहीं किया गया है।

OROP समस्याओं पर सरकार ध्यान क्यों नहीं देती

OROP लागू होने के साथ ही विभिन्न विसंगतियों को लेकर भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके संगठनों के द्वारा उन विसंगतियों को हल करने के लिए सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था जिस पर सरकार ने ध्यान देते हुए कुछ बातों पर अपना स्पष्टीकरण दिया था पर बहुत सी विसंगतियां फिर भी रह गई थी। विसंगतियों को लेकर आज भी लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है पर सरकार इस ओर अपना ध्यान क्यों नहीं देती है, तो इसके कारण निम्नलिखित हैं:-
1. भूतपूर्व सैनिक लगातार धरना प्रदर्शन तो कर रहे हैं लेकिन उनकी संख्या बहुत ही कम है या यूं कहें कि गिनी चुनी है। इस बारे में अन्य भूतपूर्व सैनिकों को पता ही नहीं है।
2. OROP को लेकर बहुत से भूतपूर्व सैनिकों को कुछ पता ही नहीं है कि आखिर यह क्या चीज है साथ ही अधिकांश सैनिक ग्रामीण क्षेत्रों के ही होते हैं जिनको कोई सूचना ही नहीं मिल पाती है, उन्हें इस बारे में कुछ भी ज्ञान नहीं है। इसके पीछे यह कारण है कि वह बहुत पहले रिटायर हो चुके थे साथ ही उनकी टेक्नोलोजी में कोई रुचि ना होने या उन्हें टेक्नोलॉजी का प्रयोग ना आने के कारण उन्हें किसी प्रकार की कोई भी सूचनाएं नहीं प्राप्त होती हैं। यदि प्राप्त होती भी है तो उन्हें यही नहीं पता होता है कि उन्हें क्या करना चाहिए। अतः भूतपूर्व सैनिकों के साथ संवाद स्थापित करना बहुत आवश्यक है।
3. OROP को लेकर के धरना प्रदर्शन करने वाले भूतपूर्व सैनिकों या संगठनों में किसी भी प्रकार का कोई भी तालमेल ना होना भी सबसे बड़ा कारण बनता है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं देती है। यदि समस्त भूतपूर्व सैनिक एवं संगठन एक साथ मिलकर के इसके खिलाफ अपनी मांग रखें तो सरकार इस पर अवश्य ही ध्यान देगी।
4. OROP में हुई विसंगतियों को सही कराने के लिए जो भूतपूर्व सैनिक या उनके संगठन धरना प्रदर्शन लगातार कर रहे हैं वह बिना किसी अन्य संगठन को साथ में लिए या बिना  पूर्व सैनिकों को सूचना दिए हुए अकेले ही लगे हुए हैं जिसका कोई महत्व नहीं है।
5. हम सभी यह जानते हैं कि जब तक किसी भी कार्य के लिए यदि सभी साथ मिलकर के प्रयास नहीं करेंगे तो वह कार्य सफल होने वाला नहीं है। कहने का मतलब यह है कि यदि समस्त भूतपूर्व सैनिक एवं उनके संगठन मिलकर के एक साथ अपनी आवाज नहीं उठाते हैं अपनी मांग को नहीं रखते हैं तो सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने वाली नहीं है। यह सही कहा गया है कि 'संघे शक्ति कलियुगे' यानी 'कलियुग में संगठन में शक्ति है' जो कि बिल्कुल सत्य है।
6. OROP में विसंगतियों को सही कराने के लिए जो लोग लगे हुये हैं उनको चाहिए कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से सभी लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील करें ताकि लोगों को पता चले और वह इस मुहिम का हिस्सा बनकर अपनी मांग को व्यापक स्तर पर उठा सकें।
7. One Rank One Pension से जुड़ी हुई मांग से सम्बंधित ज्ञापन को सभी यूट्यूब चैनल जो कि सैनिकों से जुड़ी खबरों को दिखाते हैं उन्हें ईमेल के माध्यम ज्ञापन की प्रति भेज कर उस पर वीडियो बना कर चैनल पर अपलोड करने का अनुरोध करना चाहिए ताकि भारी संख्या में भूतपूर्व सैनिकों को इस बारे मे पता चल सके और भारी संख्या में पूर्व सैनिक पहुंच सकें।
8. यह देख गया है कि इस मूवमेंट की कमान अधिकारी वर्ग के हाथों में है यदि इसकी कमान संभालने के लिए JCOs और ORs को भी सामिल किया जाय तो इसके बेहतर परिणाम हो सकते हैं।
9. OROP विसंगतियों को सही तरीके से हल कराने के लिए यह आवश्यक है कि अधिकारी वर्ग बिना किसी भेदभाव के JCO - OR को इस मूवमेंट में शामिल करें व साथ रहने का अनुरोध करें।

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